हुमायूँ: इतिहास का सबसे डरपोक राजा?

हुमायूँ, मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर का पुत्र और एक समय के सम्राट, इतिहास में अक्सर एक विवादास्पद चरित्र के रूप में याद किए जाते हैं। कई इतिहासकारों के अनुसार, वे न केवल राजनीतिक रूप से अस्थिर थे, बल्कि युद्धक्षेत्र में भी अपने भय के कारण अक्सर पीछे हट जाते थे।

1539 के चौसा के युद्ध में, जब उनका सामना शेरशाह सूरी से हुआ, तो वे युद्ध के बीच में ही भाग खड़े हुए। इसके बाद 1540 में कन्नौज के युद्ध में फिर पराजय हुई, और हुमायूँ को अपने ही राज्य से भागकर इधर-उधर घूमने की जिंदगी जीनी पड़ी। लगभग 15 साल तक वे निर्वासित रहे—कभी ईरान में शरण, तो कभी राजस्थान के रेगिस्तानों में छिपे।

हालाँकि, उनके पास मजबूत सेना, वफादार सरदार और महान विरासत थी, लेकिन उनकी अकर्मण्यता और निर्णय लेने में आतंक के कारण वे अपनी सत्ता को बरकरार नहीं रख पाए। उनके इस डर को इतिहास में कई बार 'भागने की आदत'

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