श्री कृष्ण के वंशज कौन हैं?

श्री कृष्ण का वंश यदुवंश के नाम से जाना जाता है। इस वंश की शुरुआत यदु से मानी जाती है, जो हैहायय के वंशज थे। इसलिए इस कुल के लोगों को यादव भी कहा जाता है। यादव वंश प्राचीन भारत का एक प्रतिष्ठित और शूरवीर कुल था, जिसने इतिहास और पुराणों में अपना नाम ऊंचा रखा।

श्री कृष्ण खुद इसी वंश में जन्मे थे। उनके पिता वासुदेव, दादा शूरसेन और अन्य पूर्वज यदुवंशी राजाओं की परंपरा के धनी थे। कृष्ण के समय तक यदुकुल का विस्तार द्वारका तक हो चुका था। उनके बाद यह कुल क्रमशः समाप्त हो गया, जैसा कि भागवत पुराण और महाभारत में वर्णित है।

कृष्ण के संतानों में प्रद्युम्न और उनके पुत्र अनिरुद्ध का नाम विशेष रूप से आता है। अनिरुद्ध के पुत्र वज्र को बचावा गया, जिन्हें कहा जाता है कि यदुवंश के बचे हुए अंग के रूप में द्वारका में राज्य किया।

आज भी कई यादव समुदाय अपने वंश को श्री कृष्ण के साथ जोड़ते हैं। हालांकि ऐतिहासिक रूप से यदुव

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