कृष्ण और रुक्मिणी का प्रेम: एक दिव्य बंधन
भागवत पुराण में रुक्मिणी और कृष्ण के प्रेम की एक सुंदर कथा मिलती है। रुक्मिणी, विदर्भ की राजकुमारी, एक दिन कृष्ण के बारे में सुनती हैं। उन्हें बताया जाता है कि कैसे उन्होंने अत्याचारी राजा कंस का वध किया, कैसे वे मथुरा की जनता को डर से मुक्त कराये, और कैसे उन्होंने जरासंध जैसे शक्तिशाली राजाओं के खिलाफ भी अपने धर्म की रक्षा की।
यह सुनकर रुक्मिणी के मन में कृष्ण के प्रति भावनाएँ जाग उठीं। उन्हें लगा कि ऐसा वीर, दयालु और न्यायप्रिय व्यक्ति ही उनके जीवन का साथी होने योग्य है। वे कृष्ण से विवाह करने के लिए तत्पर हो गईं। लेकिन उनके परिवार ने उनका रुक्कण दूसरे राजा के साथ कर दिया।तब रुक्मिणी ने कृष्ण के नाम एक संदेश भेजा, जिसमें वे उनसे याचना करती हैं कि वे आकर उन्हें बचा लें। कृष्ण ने उस भावना को महसूस करते हुए रुक्मिणी को ब्याह ले जाकर अपना लिया। यह विवाह न केवल प्रेम का प्रतीक है, बल्कि आस
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