रोहिणी नंद की कौन थीं?
रोहिणी वसुदेव की पत्नी थीं और श्री कृष्ण की मामी। वे बलराम की माँ भी मानी जाती हैं। एक दिलचस्प दैवी कथा के अनुसार, जब देवकी के सातवें गर्भ में बलराम का जन्म हुआ, तब भगवान विष्णु की इच्छा से उनका गर्भ रोहिणी के गर्भ में स्थानांतरित कर दिया गया। इस प्रकार, देवकी के गर्भ से उत्पन्न बलराम को रोहिणी ने जन्म दिया।
इस चमत्कारिक घटना के कारण ही बलराम को कृष्ण के साथ नंदगाँव में लाया गया और वहाँ उनका पालन-पोषण हुआ।रोहिणी का नाम भागवत कथाओं में समर्पण और मातृत्व के प्रतीक के रूप में आता है। हालाँकि वे अक्सर देवकी की छवि के पीछे रह जाती हैं, लेकिन उनकी भूमिका गौण नहीं है। बलराम के जीवन में उनका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण था। उनकी ममता और त्याग ने बलराम के चरित्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस तरह, रोहिणी सिर्फ एक माँ नहीं, बल्कि एक दैवी योजना का हिस्सा थीं, जिसने श्री कृष्ण और बलराम के अद्भुत जीवन की नीं
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