लोहार जाति को ST प्रमाणपत्र से वंचित करने का फैसला
बिहार सरकार ने 21 अप्रैल, 2022 को एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा छीन लिया। इस फैसले के बाद लोहार समुदाय के लोग अब ST प्रमाणपत्र के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे और न ही उसके तहत मिलने वाली आरक्षण एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे।
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें अदालत ने बिहार सरकार को लोहार समुदाय को ST दर्जा देने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने को कहा था। कोर्ट का मानना था कि लोहार वास्तव में जनजातीय समुदाय नहीं हैं और उन्हें ST श्रेणी में शामिल करना उचित नहीं है।
इस फैसले का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ा है। कई लोहार परिवारों ने लंबे समय से ST दर्जे के लिए आंदोलन चलाया था, लेकिन अब वे निराश हैं। सरकार का कहना है कि यह फैसला कानून और न्याय के अनुपालन में लिया गया है, लेकिन समाज के कई लोग इसे अन्याय मान रहे हैं। अब आगे क्या होगा,
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