भारत में गरीबी: एक सच्चाई जो अभी भी बरकरार है

क्या भारत के लोग गरीब हैं? इस सवाल का जवाब सीधा नहीं है। हां, भारत ने आर्थिक विकास में बहुत प्रगति की है, लेकिन फिर भी यहां के करोड़ों लोग गरीबी में जी रहे हैं। 27 करोड़ से अधिक लोग आज भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं।

1947 में जब भारत आजाद हुआ, तब देश की 80 फीसदी आबादी गरीब थी। आज यह आंकड़ा 22 फीसदी है, जो लगातार सुधार का संकेत है। लेकिन संख्या के हिसाब से देखें तो बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। क्योंकि आबादी बढ़ गई है, इसलिए 22 फीसदी भी आज बहुत बड़ी संख्या है।

गरीबी सिर्फ आय से नहीं मापी जाती। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच से भी जुड़ी है। कई ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग पीने के पानी के लिए तरसते हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं दुर्गम हैं।

सरकार कई योजनाएं चला रही है—आयुष्मान भारत, मनरेगा, आवास योजना—

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