क्या सेना भर्ती के समय चिकित्सा रिकॉर्ड जांचती है?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या सेना भर्ती के समय उम्मीदवार के चिकित्सा इतिहास की गहन जांच करती है। वास्तविकता यह है कि सेना नियमित रूप से हर उम्मीदवार के मेडिकल रिकॉर्ड नहीं मंगाती। बल्कि, एक शारीरिक जांच के आधार पर फैसला लिया जाता है और उम्मीदवार से कोई पूर्व बीमारी या स्थिति होने पर खुद बताने को कहा जाता है।
हालांकि, यहां धोखाधड़ी की कीमत भारी हो सकती है।अगर कोई उम्मीदवार जानबूझकर अपनी कोई पुरानी बीमारी छिपाकर भर्ती हो जाता है, तो बाद में समस्या उत्पन्न हो सकती है। यदि सैनिक भविष्य में बीमार होता है या घायल होता है और ऐसी स्थिति आती है जहां संदेह हो कि यह एक पूर्व-मौजूदा स्थिति है, तो सेना मेडिकल रिकॉर्ड मंगाकर जांच कर सकती है। अगर पता चलता है कि उसने जानबूझकर जानकारी छिपाई, तो इसे फर्जी भर्ती माना जा सकता है।
ऐसे मामलों में सजा सख्त हो सकती है — नौकरी से
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