हनुमान ने अर्जुन का घमंड कैसे तोड़ा?
महाभारत के महान युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपना सारथि बनाया था। लेकिन कहा जाता है कि उस रथ पर एक और महान आत्मा भी विराजमान थी—बजरंगबली हनुमान। एक प्रसंग आनंद रामायण में मिलता है, जहाँ हनुमान ने अर्जुन के घमंड को तोड़ा, लेकिन इसके पीछे की कहानी बहुत प्रेरणादायक है।
एक बार अर्जुन ने अपनी धनुर्विद्या और शक्ति पर इतना घमंड करना शुरू कर दिया कि वे सोचने लगे कि दुनिया में शायद ही कोई ऐसा हो जो उनसे बेहतर धनुष-बाण चला सके। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें एक सबक सिखाने का फैसला किया। उन्होंने हनुमान जी को बुलाया, ताकि वे अर्जुन के अहंकार को शांत कर सकें।
हनुमान जी ने छोटे से रूप में अर्जुन के रथ पर आकार विराजमान हो गए।जब अर्जुन ने उन्हें देखा, तो उनका घमंड एकदम समाप्त हो गया। उन्हें एहसास हुआ कि वास्तविक शक्ति घमंड में नहीं, बल्कि भक्ति और विनम्रता में होती है। हनुमान जी का यह स्वरूप अ
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