शेयर रखने का मतलब है कंपनी का हिस्सेदार बनना
जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, तो आप उस कंपनी के हिस्सेदार बन जाते हैं। यह नहीं मतलब कि आप कंपनी चलाते हैं, लेकिन आपका नाम भी उन सभी मालिकों की सूची में आता है जिन्होंने उसमें निवेश किया है। कंपनी के मालिकाना अधिकार को शेयर के रूप में बाँटा जाता है, और जितने ज्यादा शेयर आपके पास होते हैं, उतना ही ज्यादा आपका वजन उस कंपनी में होता है।
शुरुआती निवेशकों को अक्सर अधिक शेयर मिलते हैं, क्योंकि वे कंपनी के निर्माण के समय निवेश करते हैं। जैसे-जैसे कंपनी बढ़ती है, नए निवेशक आते हैं, लेकिन उन्हें छोटे हिस्से मिलते हैं। आपके शेयरों का महत्व समय और निवेश राशि पर निर्भर करता है।
उदाहरण के लिए, अगर आपने किसी स्टार्टअप में बहुत शुरुआत में निवेश किया है, तो आपके पास शायद बहुत महत्वपूर्ण शेयर हो सकते हैं। लेकिन अगर आप बाद में आए, तो आपके शेयर कम होंगे। फिर भी, आप एक वैध मालिक हैं।
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