सच्ची शिक्षा क्या करती है?
सच्ची शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान या नौकरी पाने के लिए नहीं होती। यह तो मनुष्य के पूरे अस्तित्व को स्पर्श करती है। इसका असली उद्देश्य शरीर और दिमाग के बीच संतुलन बनाना है, ताकि व्यक्ति न केवल सफल, बल्कि सच्चे अर्थों में सजग और संतुलित बन सके।
एक वास्तविक शिक्षा इंसान को जीवन के गहरे उद्देश्य को समझने में सक्षम बनाती है। लेकिन यह समझ तभी संभव है जब दिमाग डर और अनुकूलन के बंधनों से मुक्त हो। आज कई बार शिक्षा के नाम पर बच्चों को सिर्फ रट्टा लगाने और परीक्षा पास करने की मशीन बना दिया जाता है। ऐसी शिक्षा न तो स्वतंत्र सोच को बढ़ावा देती है और न ही मानवीय मूल्यों को।
सच्ची शिक्षा वह है जो व्यक्ति को भयमुक्त बनाए। जो उसे इनाम या दंड के डर से परे जीना सिखाए। जब इंसान अपने कर्म करने के लिए इनाम या मान्यता की उम्मीद छोड़ देता है, तभी वह सच्चाई को देख पाता है। यही सच्ची शिक्षा का आधार है – आत्मजागृति, स्वतंत्र च
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