हमारा पहला शिक्षक – माँ-बाप या स्कूल का अध्यापक?
हमारा पहला शिक्षक कौन है, यह सवाल कई बार हमारे दिमाग में आता है। कुछ लोग कहते हैं कि यह हमारे माता-पिता हैं, तो कुछ कहते हैं कि वह पहला अध्यापक है जिसने स्कूल में हमें अक्षर पहचानना सिखाया। असल में, दोनों की अपनी-अपनी भूमिका है।
हाँ, यह सच है कि घर पर माँ-बाप ही हमें जीवन के पहले पाठ सिखाते हैं। हमें चलना, बोलना, अच्छे-बुरे का फर्क समझना, सब कुछ उन्हीं से सीखा। वे वाकई हमारे पहले गुरु हैं। लेकिन जब हम स्कूल जाते हैं, तो हमारी शिक्षा का वास्तविक सफर शुरू होता है।
वहाँ हम पढ़ाई-लिखाई सीखते हैं, नई बातें जानते हैं, और अपनी सोच को विकसित करते हैं। एक अध्यापक सिर्फ नियम और सूत्र नहीं पढ़ाता, बल्कि छात्र को जीवन के लिए तैयार करता है। वह अंधेरे में रोशनी की तरह होता है।
माता-पिता और शिक्षक – दोनों ही जीवन में महत्वपूर्ण हैं। पर यदि सीधे शब्दों में कहा जाए, तो हमारी औपचारिक शिक्षा तब शु
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