शिक्षा का सच्चा उद्देश्य
शिक्षा का मूल उद्देश्य सिर्फ पुस्तकीय ज्ञान या नौकरी पाना नहीं है। यह तो इंसान को चरित्रवान, समझदार और समाज के लिए उपयोगी बनाना है। जब एक व्यक्ति सच्ची शिक्षा प्राप्त कर लेता है, तो वह न सिर्फ अपने भविष्य को बनाता है, बल्कि समाज के लिए भी मार्गदर्शक बन जाता है।
आज के समय में लोग शिक्षा को सिर्फ नौकरी पाने का साधन समझते हैं, लेकिन इसका असली महत्व इससे कहीं बड़ा है। शिक्षा इंसान के व्यक्तित्व को इतना संपूर्ण बनाती है कि वह सही-गलत का फर्क समझ पाता है, गलत रास्तों से दूर रहता है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
ज्ञान प्राप्त करने वाले लोग ही देश का भविष्य बनाते हैं। वे न सिर्फ अपने लिए रोशनी बनते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी उदाहरण बन जाते हैं। गांधी जी, आईन्स्टीन या अब्राहम लिंकन जैसे महापुरुष शिक्षा से ही बड़े बने। उनका ज्ञान सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं था, बल्कि उनका चरित्र भी शिक्षा की
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