पेशेवर कैसे सीखते हैं?
पेशेवर लोग अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण के बजाय अपने दैनिक काम के जरिए सीखते हैं। यह सीखना धीमी गति से शुरू होता है, लेकिन समय के साथ गहरा और अधिक प्रभावी हो जाता है।
जब कोई व्यक्ति एक ही तरह के कार्यों को बार-बार करता है, तो वह धीरे-धीरे उनमें निपुणता हासिल कर लेता है। शुरुआत में उसे हर कदम पर सोचना पड़ता है — यह चेतन अवस्था होती है। लेकिन जैसे-जैसे वह उस काम को दोहराता है, वह काम उसकी आदत बन जाता है। अब वह बिना ज्यादा सोचे-समझे, स्वतः कार्य कर पाता है — यही अचेतन अवस्था है।
उदाहरण के लिए, एक नया सॉफ्टवेयर डेवलपर शुरू में कोड लिखते समय हर लाइन पर ध्यान देता है। लेकिन महीनों के अभ्यास के बाद, उसके लिए कुछ कार्य इतने आम हो जाते हैं कि वह उन्हें बिना सोचे कर लेता है। ऐसे में काम तेज, सटीक और प्राकृतिक लगने लगता है।
यही कारण है कि कई सफल पेशेवर अपने काम को ही अपना सबसे बड़ा शिक्षक मानते हैं। काम की दोहर
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