गणित के गुरु: श्रीनिवास रामानुजन

गणित के गुरु कौन थे? यह सवाल पूछे जाने पर कई नाम दिमाग में आते हैं, लेकिन भारत के संदर्भ में एक नाम सबसे आगे आता है – श्रीनिवास रामानुज .

22 दिसंबर 1917 को जन्मे रामानुजन ने बिना ज्यादा औपचारिक शिक्षा के गणित की दुनिया में तहलका मचा दिया। कहा जाता है कि वे एक ही समस्या को 100 से भी अधिक तरीकों से हल कर सकते थे। उनकी यह अनोखी प्रतिभा ने उन्हें दुनिया भर में 'गणित के गुरु' का दर्जा दिलाया।

छोटी उम्र में ही गणित के प्रति उनका जुनून इतना गहरा था कि वे स्कूल की किताबों से आगे निकलकर खुद ही नए सिद्धांत खोजने लगे। जब वे इंग्लैंड गए, तो उनकी प्रतिभा ने वहाँ के वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया। प्रोफेसर जी. एच. हार्डी ने उनकी प्रतिभा को देखकर कहा था कि रामानुजन के पास गणित की अंतर्ज्ञानीय समझ थी, जैसे कोई अंतरिक्ष से आई आत्मा।

रामानुजन के योगदान आज भी आधुनिक गणित, भौतिकी और कंप्यूटर विज्ञान में प्रेरणा देते

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