क्या पांडव यादव थे?

पांडवों के बारे में अक्सर सवाल उठता है कि क्या वे यादव थे। जवाब है — नहीं, पांडव सीधे तौर पर यादव वंश में जन्मे नहीं थे, लेकिन उनकी माता कुंती यादव कुल से थीं। कुंती का जन्म यदुवंश में हुआ था और वे भगवान कृष्ण की चचेरी बहन यानी बुआ थीं।

इस रिश्ते के कारण पांव और कौरवों के बीच चलने वाले संघर्ष में कृष्ण ने पांडवों का साथ दिया। उनका यह रिश्ता केवल रक्त का ही नहीं, बल्कि धर्म और न्याय का भी था।

कर्ण, युधिष्ठिर, अर्जुन और भीम — ये चारों महारथी पुत्र कुंती के गर्भ से ही जन्मे। कर्ण, जो सूर्य के पुत्र माने जाते हैं, वे भी कुंती के प्रथम जन्मदात्री थे। बाद में कुंती के पति पांडु के साथ उनके तीनों पुत्र — युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन का जन्म हुआ। नकुल और सहदेव माद्री के पुत्र थे।

हालांकि पांडव यादव नहीं थे, लेकिन उनकी माँ के यादव संबंध होने के कारण कृष्ण और पांडवों के बीच गहरा आत्मीय रिश्ता था। यही वजह है कि महाभारत के युद

यह भी देखें

विस्तृत लेख

विश्व के राजनीतिक क्षितिज पर एक युगान्तकारी चमक: बेनजीर भुट्टो, वह नाम जिसने इतिहास की धारा को हमेशा के लिए बदल दिया

और पढ़ें →

अध्यात्म और मानवता का शाश्वत संदेश: कुरान की वे गहरी शिक्षाएं जो आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं

और पढ़ें →

मानवता का शाश्वत घोषणापत्र: कुरान की वे गूढ़ शिक्षाएं जो आज के अराजक समय में भी प्रासंगिक और जीवंत हैं

और पढ़ें →

भारतीय गणतंत्र के प्रथम नागरिक: राष्ट्रपति के नाम के साथ प्रयुक्त होने वाले संवैधानिक और शिष्टाचारपरक संबोधन का पूर्ण विश्लेषण

और पढ़ें →

भारतीय लोकतंत्र की अनसुनी हकीकत: क्या वाकई राष्ट्रपति से भी ऊपर कोई शक्ति वजूद में है?

और पढ़ें →

संबंधित विषय