लग्न कितने प्रकार के होते हैं?
लग्न ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण आधार है। कुंडली बनाते समय सबसे पहले लग्न की गणना की जाती है। ज्योतिषाचार्य पंडित प्रह्लाद कुमार पण्ड्या के अनुसार, कुंडली में कुल 12 लग्न होते हैं, जो 12 राशियों पर आधारित हैं।
जिस समय व्यक्ति का जन्म होता है, उसी क्षण पृथ्वी के क्षितिज पर जो राशि उदय हो रही होती है, वही उस व्यक्ति का लग्न कहलाती है। यह कुंडली के प्रथम भाव में स्थित होती है। जैसे अगर जन्म के समय मेष राशि उदय हो रही है, तो व्यक्ति का लग्न मेष होगा। इसी तरह अगर सिंह राशि प्रथम भाव में है, तो लग्न सिंह माना जाएगा।
प्रत्येक लग्न का अपना अलग स्वभाव, ऊर्जा और प्रभाव होता है। मेष लग्न वाले व्यक्ति उत्साही और साहसी होते हैं, तो वृषभ लग्न वाले स्थिर और विश्वसनीय। कर्क लग्न भावुकता लाता है, तो तुला लग्न सौंदर्य और सामंजस्य में रुचि दिखाता है।
लग्न केवल कुंडली की शुरुआत नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, स्वास्थ्य
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