पंखा गर्म क्यों हो जाता है?

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि लंबे समय तक चलने के बाद पंखे का शीशा या मोटर थोड़ा गर्म हो जाता है? यह कोई खराबी नहीं, बल्कि प्राकृतिक प्रक्रिया है। जब पंखा चलता है, तो उसकी मोटर में बिजली के प्रवाह के कारण कुछ ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है। इसे तकनीकी भाषा में ताम्र हानि और लौह हानि कहते हैं।

इसके अलावा, पंखे के ब्लेड हवा से टकराते हैं। इस घर्षण के कारण भी थोड़ी गर्मी पैदा होती है। मगर यह गर्मी इतनी कम होती है कि आपको गर्मी महसूस नहीं होती — बल्कि ठंडक का एहसास होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पंखा हवा को तेजी से घुमाकर त्वचा पर मौजूद पसीने को वाष्पित कर देता है, जिससे शरीर ठंडक महसूस करता है।

दिलचस्प बात यह है कि छत के पंखे बहुत कम बिजली का उपयोग करते हैं। आजकल के इन्वर्टर पंखे तो और भी कम खपत करते हैं। हालांकि थोड़ी गर्मी पैदा होती है, लेकिन कुल मिलाकर पंखा एक कुशल और अनावश्यक गर्मी के बिना ठंडा करने वाला उ

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