अंग्रेजों को भारत से क्या मिला?

1600 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई, और यही से भारत पर अंग्रेजों के आर्थिक वर्चस्व की शुरुआत हुई। शुरू में यह सिर्फ एक व्यापारिक कंपनी थी, लेकिन धीरे-धीरे यह एक विशाल राजनीतिक शक्ति बन गई।

भारत से चाय, जूट, अफीम, सूती कपड़ा और रबर जैसे कच्चे माल ब्रिटेन भेजे जाने लगे। इन संसाधनों ने ब्रिटेन के औद्योगिक विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। खासकर चाय का ब्रिटिश समाज में इतना बड़ा स्थान हो गया कि यह उनकी संस्कृति का हिस्सा बन गया।

भारत न सिर्फ एक सस्ते कच्चे माल का स्रोत था, बल्कि ब्रिटेन के लिए एक बड़ा बाजार भी था। ब्रिटेन के कारखानों में बने माल को भारत में बेचा जाता था, जिससे ब्रिटिश उद्योगपतियों को भारी मुनाफा हुआ।

इस तरह, भारत के शोषण ने ब्रिटेन को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने में मदद की। जबकि भारत का संसाधन खाली होता गया, तो ब्रिटिश अर्थव्यवस्था मजबूत होती गई। यह व

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