अंग्रेजों का भारत आने का उद्देश्य

जब अंग्रेज पहली बार भारत आए, तो उनका मुख्य उद्देश्य व्यापार करना था। 1600 में इस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना के बाद अंग्रेज मसालों, कपास, रेशम और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के व्यापार के लिए भारत आने लगे। इस शुरुआती दौर में उनका फोकस सिर्फ लाभ कमाने पर था, न कि राज्य चलाने पर।

लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बदलने लगी। जैसे-जैसे उनका व्यापार बढ़ा, उन्होंने स्थानीय राजाओं के साथ गठबंधन बनाने शुरू किए और अपनी ताकत बढ़ाने में सफल रहे। प्लासी के युद्ध (1757) के बाद, अंग्रेजों ने भारत में राजनीतिक ताकत के रूप में खुद को स्थापित कर लिया।

मूल रूप से व्यापार के लिए आए अंग्रेज धीरे-धीरे शासन की ओर बढ़ गए। उन्होंने अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण बनाया, जो आगे चलकर पूरे भारत पर अधिकार में बदल गया।

इस तरह, व्यापार की शुरुआत अंततः एक विस्तृत साम्राज्य में तब्दील

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