भारत-रूस संबंध: एक लंबे समय तक चलने वाला रणनीतिक साझेदारी

भारत और रूस के बीच संबंध केवल आज की बात नहीं हैं, बल्कि ये शीत युद्ध के दौर से जुड़े हुए हैं। उस समय भारत और सोवियत संघ के बीच गहरे राजनयिक, सैन्य और आर्थिक संबंध थे। भारत ने स्वतंत्रता के बाद गुटनिरपेक्ष आंदोलन का नेतृत्व किया, लेकिन सोवियत संघ से दोस्ती जारी रखी।

1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद, रूस ने इन संबंधों को आगे बढ़ाया। दोनों देशों ने 1993 में 'विशेष सामरिक साझेदारी' की घोषणा की, जो उनके सैन्य तकनीक, ऊर्जा और राजनीति में मजबूत सहयोग को दर्शाती है। रूस भारत को लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां और हथियार प्रणालियां आपूर्ति करता रहा है, जबकि भारत ने रूस में प्रौद्योगिकी और तेल क्षेत्र में निवेश बढ़ाया है।

हाल के वर्षों में चुनौतियां भी आई हैं, जैसे रूस की यूक्रेन पर कार्रवाई के बाद अंतर्राष्ट्रीय दबाव, लेकिन भारत ने अपनी तटस्थता बरकरार रखी है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय