आयात और निर्यात में अंतर समझें

जब भी हम आर्थिक बातचीत करते हैं, तो आयात और निर्यात ऐसे दो शब्द बार-बार आते हैं। इन दोनों का अर्थ साधारण है, लेकिन इनके अंतर को समझना जरूरी है।

आयात (Import) का मतलब होता है एक देश द्वारा दूसरे देश से माल खरीदकर अपने यहां लाना। मसलन, जब भारत यूरोप से मशीनें या कारें खरीदता है, तो यह आयात होता है। ऐसे में विदेशी उत्पाद हमारे बाजार में आते हैं। अक्सर ऐसा तब होता है जब कोई चीज़ घरेलू स्तर पर उपलब्ध न हो या फिर विदेशों से मंगाना अधिक लाभदायक लगे।

निर्यात (Export) इसके बिल्कुल उलट होता है। जब भारत चाय, कपड़े या सॉफ्टवेयर सेवाएं अमेरिका या यूरोप को भेजता है, तो यह निर्यात कहलाता है। यहां हमारा माल विदेशों में जाता है और उसके बदले विदेशी मुद्रा मिलती है।

आयात और निर्यात दोनों देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। एक संतुलित व्यापार नीति में निर्यात आयात से अधिक होना चाहिए, ताकि देश के पास

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय