भारत और रूस: आर्थिक साझेदारी की जड़ें
भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। इन संबंधों में विशेष रूप से आयात पर ध्यान देने योग्य है। रूस से भारत में मुख्य रूप से कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, उर्वरक और रक्षा उपकरण आते हैं। ये वस्तुएं भारत की ऊर्जा और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
दिसंबर 2021 तक के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने रूस से करीब 72.47 अरब रुपये का माल आयात किया था। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का है, जो भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। साथ ही, रूसी उर्वरक का उपयोग भारतीय कृषि में भी बढ़ा है, जो खाद्य उत्पादन के लिए फायदेमंद साबित हुआ है।
इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में रूस भारत का प्रमुख भागीदार रहा है। लड़ाकू विमान, टैंक, मिसाइल सिस्टम जैसे उन्नत रक्षा उपकरणों की आपूर्ति में रूस की महत्वपूर्ण भूमिका र
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