फांसी पर चढ़ाए जाने वाला पहला भारतीय: राजा नंदकुमार
राजा नंदकुमार वह पहले भारतीय थे जिन्हें अंग्रेजों द्वारा फांसी पर लटकाया गया। उनका जन्म भद्रपुर में हुआ था, जो आज पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में है। 1764 में, जब वारेन हेस्टिंग्स को पद से हटा दिया गया, तो ईस्ट इंडिया कंपनी ने उन्हें बर्दवान, नादिया और हुगली के क्षेत्रों के लिए दीवान (कर संग्राहक) के रूप में नियुक्त किया।
नंदकुमार की गिरफ्तारी और फांसी के पीछे एक गहरा राजनीतिक षड्यंत्र था। उन्होंने वारेन हेस्टिंग्स पर भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जवाब में, कंपनी के कानूनी तंत्र ने नंदकुमार पर जालसाजी का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एक संदिग्ध मुकदमे के बाद, उन्हें 1775 में फांसी दी गई।
यह मामला केवल एक आपराधिक सजा नहीं था, बल्कि अंग्रेजी न्याय के इतिहास में एक काला अध्याय भी था। कई इतिहासकार मानते हैं कि नंदकुमार को बदला लेने के लिए फंसाया गय
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