मौत के बाद दिमाग कैसे जीवित रह सकता है?

मौत के बाद शरीर के ज्यादातर अंग काम करना बंद कर देते हैं, लेकिन कुछ समय तक दिमाग की कोशिकाएं अभी भी सक्रिय रह सकती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसंधानों से पता चलता है कि मस्तिष्क की संरचना और उसके न्यूरॉन्स कुछ घंटों तक जीवित रह सकते हैं, यहां तक कि दिल बंद हो जाने के बाद भी।

ब्रेन प्रिजर्वेशन फाऊंडेशन, एक स्वतंत्र अनुसंधान दल, ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है जो मृत्यु के बाद भी दिमाग को सुरक्षित रख सके। वे एक प्लास्टिक एम्बेडिंग प्रक्रिया विकसित कर रहे हैं जिसमें मस्तिष्क को बहुत बारीक परतों में प्लास्टिक में बदल दिया जाता है। इस प्रक्रिया से मस्तिष्क की पूरी संरचना, खासकर न्यूरॉन्स के जाल, लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती है।

इस तकनीक का मकसद भविष्य में चेतना या याददाश्त को पुनः प्राप्त करने की संभावना पर काम करना है। हालांकि यह अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यह विचारकों और वैज्ञानिकों के लिए एक नई दिशा खोलता है।

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