ड्रग्स की बढ़ती कीमतें और समाज पर असर
आजकल ड्रग्स की कीमतें आसमान छू रही हैं, और यह सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि समाज के लिए गहरी चिंता का विषय भी है। पहले जहां गांजा प्रति किलो लगभग 20 हजार रुपये में बिकता था, वहीं अब हालात बदल गए हैं। अब प्रति ग्राम गांजे की कीमत लगभग 2000 रुपये तक पहुंच गई है, जो कि एक चौंकाने वाली बात है।
इसी तरह, कोकीन जैसी खतरनाक ड्रग भी अब पांच हजार रुपये प्रति ग्राम के बजाय आठ से दस हजार रुपये प्रति ग्राम के भाव बाजार में बिक रही है। यह बढ़ोतरी सिर्फ तस्करों के लाभ में नहीं, बल्कि युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को भी खतरे में डाल रही है।
एमडी (एक्सटेसी) जैसी ड्रग्स भी अब आम लोगों के बीच बहुत आम हो गई हैं। जहां एक तरफ नशे के खिलाफ जागरूकता की बात की जाती है, वहीं दूसरी तरफ इनकी उपलब्धता और कीमतें बढ़ती जा रही हैं। यह सिर्फ क़ीमतों का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की नैतिकता और कानून की चुनौती भी है
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