भारत में महिला प्रतिनिधित्व: एक चुनौतीपूर्ण सच

जब बात सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की होती है, तो भारत का नाम अक्सर नीचे की ओर दर्जेवार आता है। इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की तुलना में लोकसभा जैसे निचले सदन में भारत महिला प्रतिनिधित्व के मामले में 150वें स्थान पर है।

यह आंकड़ा नापाक है, क्योंकि पड़ोसी पाकिस्तान भी इस मामले में 101वें स्थान पर है — यानी भारत से आगे। रवांडा, क्यूबा और बोलिविया शीर्ष स्थानों पर हैं, जहां महिलाओं की भागीदारी न केवल बड़ी है, बल्कि प्रभावशाली भी है।

भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लगातार चर्चा का विषय रही है। हालांकि, 2023 में महिला आरक्षण बिल के पास होने के बावजूद, वर्तमान लोकसभा में महिलाओं का प्रतिशत अभी भी लगभग 15% है। इसका मतलब है कि हर छह सांसदों में से एक महिला है — और वह भी अब तक सबसे ऊंचा आंकड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है

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