महिला की रक्षा क्यों आवश्यक है?
महिला समाज की आधारशिला है। जिस तरह एक घर के बिना छत अधूरी होती है, उसी तरह बिना महिला के कोई भी परिवार पूरा नहीं होता। प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में नारी को लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के रूप में पूजा जाता रहा है। ऐसी मान्यता है कि जिस घर में महिला सुखी और स्वस्थ रहती है, उस घर में लक्ष्मी जी का निवास रहता है।
महिला न सिर्फ परिवार की धुरी है, बल्कि वह संस्कारों की वाहक भी है। वहीं से बच्चों में नैतिक मूल्यों का बीजारोपण होता है। जब महिलाओं को सम्मान मिलता है, जब उनके अधिकारों की रक्षा होती है, तभी समाज का सच्चा विकास संभव होता है।
आज के समय में भी, हर क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियाँ प्रेरणादायक हैं। फिर भी, उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए समाज को लगातार प्रयास करने की आवश्यकता है। उनके शुभ कदमों से ही घर और समाज में श्रेष्ठता बनी रहती है। इसलिए, महिला की रक्षा केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि एक धार्मिक और मानवी
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।