भारत की पहली महिला: राजवंशी देवी
भार fastest गणराज्य के रूप में अपने जन्म के समय से ही कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हुईं, जिनमें से एक थी देश की पहली महिला की पहचान। जब 26 जनवरी, 1950 को भारत स्वतंत्र गणराज्य बना, तब डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का पहला राष्ट्रपति चुना गया। उनकी पत्नी, श्रीमती राजवंशी देवी, इस तरह देश की पहली महिला बनीं।
राजवंशी देवी ने 1950 से 1962 तक, डॉ. प्रसाद के दोनों कार्यकाल के दौरान, राष्ट्रपति भवन में रहकर देश की पहली महिला की भूमिका निभाई। वह सादगी और गरिमा के प्रतीक थीं। हालांकि वह सार्वजनिक जीवन में कम दिखाई देती थीं, लेकिन उनकी उपस्थिति राष्ट्रीय समारोहों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत की महिला छवि को बखूबी प्रस्तुत करती थी।
उनके समय में, राष्ट्रपति पत्नी की भूमिका धीरे-धीरे एक परंपरा बनती गई। राजवंशी देवी ने न केवल घरेलू दायित्वों का निर्वहन किया, बल्कि सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सहजता से
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