राजस्थान के लौह पुरुष: सेठ दामोदास राठी
राजस्थान के लौह पुरुष के रूप में सेठ दामोदास राठी का नाम आज भी इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। जन्म 8 फरवरी, 1884 को पोकरण (मारवाड़) में सेठ खींवराजजी राठी के घर हुआ, दामोदास छोटे से बचपन से ही असाधारण बुद्धिमत्ता और लगन दिखाते रहे।
उन्होंने न केवल व्यापार के क्षेत्र में ऊँची उपलब्धि हासिल की, बल्कि समाज सुधार, शिक्षा और देशभक्ति के लिए भी अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी दृढ़ता, सिद्धांतनिष्ठता और अटूट इच्छाशक्ति ने उन्हें एक ऐसी विभूति के रूप में स्थापित किया, जिसे समय के साथ भी सम्मान से याद किया जाता है।
सेठ दामोदास राठी ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद की, गरीब छात्रों के लिए छात्रावास बनवाए और देश की आजादी की लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका व्यक्तित्व लोहे जैसा मजबूत था – न झुकने वाला, न डगमगाने वाला।
आज जब भी राजस्थान के स्वाभिमानिक इतिहास की ब
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