गरीबी के जड़ें कहाँ छुपी हैं?

गरीबी सिर्फ पैसा न होने की कहानी नहीं है। यह तो एक ऐसा जाल है जो इंसान को बचपन से लेकर बुढ़ापे तक जकड़े रखता है। हाँ, पानी, खाना, छत या इलाज जैसी ज़रूरतों की कमी गरीबी को बढ़ाती है, लेकिन इसके पीछे छिपे कारण कहीं ज़्यादा गहरे हैं।

कई बार तो इंसान पैदा ही ऐसे वातावरण में होता है जहाँ उसका लिंग या जाति उसके भविष्य को तय कर देती है। लड़कियों को स्कूल नहीं भेजा जाता, एक जाति के लोगों को काम नहीं मिलता, और घर में ही हिंसा उनका रोज़मर्रा बन जाती है। ऐसे में गरीबी से निकलना मुश्किल हो जाता है।

खराब शासन भी एक बड़ी वजह है। जब सरकार के फैसले आम आदमी तक नहीं पहुँचते, तो स्कूल, अस्पताल या सहायता के लिए लोग दर-दर की ठोकरें खाते हैं। युद्ध या संघर्ष वाले इलाकों में तो लोग घर-परिवार छोड़कर भाग जाते हैं और बेसहारा हो जाते हैं।

गरीबी को सिर्फ आर्थिक मुद्दा मानना गलती है। यह असमानता, ड

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