जोधपुर का ऐतिहासिक सफर
जोधपुर का इतिहास समृद्ध और गौरवशाली रहा है। वर्ष 1250 में राजा राव जोधा ने इसकी स्थापना की थी, जिसके नाम पर ही इस शहर का नाम 'जोधपुर' पड़ा। यह मारवाड़ क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रियासत के रूप में विकसित हुई।
लगभग 700 साल तक चली यह रियासत, राजपूताना की सबसे बड़ी राज्य थी। इसका क्षेत्रफल लगभग 90,554 वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ था। इसकी राजधानी जोधपुर नगर में थी, जो आज भी एक प्रमुख सांस्कृतिक और ऐतिहासिक केंद्र के रूप में जाना जाता है।
मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन और जसवंत थाड़ा जैसी संरचनाएँ आज भी उस गौरवशाली अतीत की गवाही देती हैं। जोधपुर के शासकों ने न केवल युद्धक्षेत्र में बल्कि कला, संस्कृति और वास्तुकला में भी अमिट छाप छोड़ी।
1 नवंबर, 1949 को जोधपुर रियासत ने भारत में विलय कर दिया। हालाँकि, कुछ प्रशासनिक परिवर्तनों के बाद, 1 नवंबर 1956 को यह विलय औपचारिक रूप से पू
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