मेवाड़ के सबसे बड़े राजा: राणा प्रताप सिंह
मेवाड़ का सबसे बड़ा राजा कौन था, यह सवाल अक्सर इतिहासप्रेमियों के मन में उठता है। इतिहास के पन्नों में जब भी मेवाड़ की गौरवगाथा की बात आती है, तो एक नाम सबसे आगे आता है – महाराणा प्रताप सिंह। जन्म 1545 के आसपास हुआ, वे मेवाड़ के वीर योद्धा और अटूट स्वाभिमान के प्रतीक बन गए।
1572 में राजगद्दी संभालने के बाद उन्होंने मुगल सम्राट अकबर के साम्राज्यवादी दावों का साहसपूर्वक विरोध किया। जब अकबर ने मेवाड़ पर कब्जा करने की कोशिश की, तो राणा प्रताप ने न तो झुकना स्वीकार किया और न ही संधि। हल्दीघाट के युद्ध में उनका साहस आज भी दिल दहला देता है। घायल घोड़े चेतक की बलिदानी छलांग और राणा का अकेले युद्ध में डटे रहना इतिहास के सोने के अक्षरों में दर्ज है।
अक्सर भोजन के लिए भूखे रहने वाले यह राजा, जंगलों में छिपकर भी अपने आदर्शों से नहीं डगमगाए। उन्होंने मुगलों से लड़कर न सिर्फ अपनी धरती बच
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