ईश्वर ने सबसे पहले क्या बनाया?
उत्पत्ति के अध्याय 1 और 2 में हमें दुनिया की शुरुआत की एक सुंदर झलक मिलती है। कल्पना करिए—पहले कुछ नहीं था, सिर्फ अंधेरा और खालीपन। फिर एक क्षण आया, जब भगवान ने प्रकाश कहा और प्रकाश हुआ। वह पहला दिन था।
हैरानी की बात यह है कि सूरज की स्थापना तीसरे या चौथे दिन हुई, लेकिन प्रकाश पहले ही दिन आ गया। यह दिखाता है कि भगवान स्वयं प्रकाश हैं—वह अंधेरे से पहले भी थे, और उन्होंने अंधेरे पर विजय पाई।
दूसरे दिन उन्होंने आकाश को अलग कर अंतरिक्ष बनाया। सागर और वातावरण के बीच फासला किया। फिर तीसरे दिन, सूखी भूमि उभरी, और धरती पर हरी-भरी घास, पेड़ और फूल उग आए। यह दृश्य कितना अद्भुत रहा होगा!
हर दिन के सृजन में एक उद्देश्य, एक क्रम था। भगवान केवल वस्तुएं नहीं बना रहे थे—वे प्रेम, अर्थ और सौंदर्य को आकार दे रहे थे। आज जब भी हम सूर्योदय देखते हैं, आकाश की विशालता में खो जाते हैं या प्रकृति की गोद में घ
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