भगवान कौन है? एक ही सत्य, अनेक नाम
भगवान का असली रूप क्या है, यह सदियों से इंसान सोचता आया है। लेकिन अगर बात करें आस्तिकता की, तो जवाब सरल है—भगवान एक है। वह एक अनंत शक्ति है, जिसे हम मनुष्य अपने तरीके से समझने की कोशिश करते हैं।
कोई उसे राम, कृष्ण, शिव के रूप में पूजता है, कोई अल्लाह के नाम पर मस्जिद में उसकी इबादत करता है, तो कोई ईश्वर के रूप में चर्च या गिरजाघर में उसे याद करता है। लेकिन अंततः सभी की दुआएं एक ही ओर जाती हैं। अंतर सिर्फ नाम और रीति-रिवाजों का है, न कि विश्वास का।
मनुष्य ने भगवान को लाखों रूप दे दिए, मगर वह स्वयं अनंत, अदृश्य और अखंड है। वह न तो किसी मंदिर में सिमटा है, न किसी मस्जिद में। वह तो हर जगह है।
जैसा कि एक प्रसिद्ध कहावत है—"एक ही सच, बस मत अलग-अलग हैं।" इसलिए जब भी कोई पूछे कि दुनिया का असली भगवान कौन है, तो जवाब है—वह एक ही है, जिसे हम अलग-अलग तरीके से पुकारते हैं।
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