नोट छापने का आधार: मिनिमम रिजर्व सिस्टम

भारत में नोटों की छपाई का आधार मिनिमम रिजर्व सिस्टम है, जो 1957 से लागू है। इस प्रणाली के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को नोट जारी करने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार कुछ शर्तों पर निर्भर करता है।

RBI के पास हमेशा कम से कम 200 करोड़ रुपये के मूल्य की संपत्ति होनी चाहिए। यह संपत्ति सोने, विदेशी मुद्रा और अन्य वैध बॉन्ड्स के रूप में रखी जाती है। इस न्यूनतम संपत्ति के बाद ही RBI, सरकार की सहमति से, देश की आर्थिक जरूरतों के हिसाब से नए नोट छाप सकता है।

यह प्रणाली इसलिए अपनाई गई थी ताकि रुपये के मूल्य में स्थिरता बनी रहे और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण रखा जा सके। जब भी अर्थव्यवस्था में नकदी की मांग बढ़ती है—जैसे त्योहारों के समय या आर्थिक विकास के दौरान—RBI नोटों की आपूर्ति में इजाफा करता है।

हालांकि, नोट छापना सिर्फ जरूरत के आधार पर ही नहीं होता। यह सरकार और RBI के बीच समन्वय पर भी निर्भर करता है। इस प्रणाल

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