घमंड: बाइबिल में पहला पाप
बाइबिल के अनुसार सबसे पहला और सबसे बड़ा पाप घमंड है। यह कोई साधारण गलती नहीं, बल्कि आत्मा की गहरी बीमारी है, जो इंसान को परमेश्वर से दूर कर देती है। बाइबल कहती है – “सर्वनाश के पहले घमंड आता है” (याकूब 4:6)। यह वही भावना थी जिसने शैतान को नष्ट किया।
शैतान मूल रूप से एक महान स्वर्गदूत था, पर उसके दिल में यह विचार आया कि वह परमेश्वर के बराबर हो सकता है। यही घमंड उसके पतन का कारण बना। यही नहीं, इसी घमंड ने आदम और हव्वा को भी बहकाया, जब शैतान ने उन्हें यह बताया कि परमेश्वर के ज्ञान के बराबर जानकारी पाकर वे “देवता के समान” हो जाएंगे।
परमेश्वर घमंड से नफरत करता है। बाइबल साफ कहती है कि वह घमंडी को अपनी नजरों में नीचा समझता है। उसकी पसंद वे हैं जो विनम्र हृदय से उसके सामने झुकते हैं। घमंड न सिर्फ आध्यात्मिक नष्टीकरण की शुरुआत है, बल्कि यह रिश्तों, परिवारों और समाज में भी बँटवारा लाता है।
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