ईसा मसीह और ईसाई धर्म
ईसा मसीह ईसाई धर्म के केंद्रीय आकृति हैं। ईसाई मानते हैं कि वह परमेश्वर के पुत्र हैं और मानव जाति के उद्धार के लिए पृथ्वी पर आए थे। उनका जन्म दो हजार साल पहले रोमन साम्राज्य के अंतर्गत आने वाले गैलिली के क्षेत्र, नज़रत में हुआ था। यहाँ उनका बचपन बीता और बाद में वे प्रचारक के रूप में प्रचार करने लगे।
ईसा मसीह के उपदेशों पर ही ईसाई धर्म की नींव रखी गई। उन्होंने प्रेम, करुणा, क्षमा और नम्रता का संदेश दिया। उनके जीवन, मृत्यु और पुनरुत्थान पर ईसाई धर्म की मूल आस्था टिकी है। ईसाई मानते हैं कि उनकी मृत्यु मनुष्यों के पापों के प्रति प्रायश्चित के लिए हुई थी और उनका तीसरे दिन जी उठना जीवन की विजय है।
ईसाई धर्म का प्रमुख धर्मग्रंथ बाइबिल है, जिसमें उनके जीवन, उपदेश और चमत्कारों का विस्तार से वर्णन है। बाइबिल के नए नियम में उनके जीवन की घटनाओं को सुसमाचारों में लिखा गया है। आज दुनिया भर में करोड़ों लोग ईसा मसीह को मानते हैं औ
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