गीता में 'हिंदू' शब्द का उल्लेख क्यों नहीं?

भगवद्गीता, हिंदुओं के सबसे प्रमुख धार्मिक ग्रंथों में से एक है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इसमें 'हिंदू' शब्द का उल्लेख एक भी बार नहीं हुआ। ऐसा इसलिए है क्योंकि उस समय 'हिंदू' नामक कोई धर्म या शब्द प्रचलन में नहीं था। यह शब्द बाद में, विदेशी लोगों द्वारा भारत के लोगों को संदर्भित करने के लिए आया।

गीता का समय करीब 2000 साल पहले का माना जाता है, और यह महाभारत के एक हिस्से के रूप में आई। इसकी भाषा संस्कृत है, और इसमें भगवान कृष्ण अर्जुन को जीवन, कर्तव्य, और आत्मज्ञान के बारे में सिखाते हैं।

गीता के अध्याय 3 में क्या है?

गीता के तीसरे अध्याय का नाम कर्मयोग है। इसमें कृष्ण अर्जुन को समझाते हैं कि कर्म किए बिना जीवन असंभव है। इसलिए, बिना आसक्ति के, फल की इच्छा छोड़कर कर्म करना ही सही मार्ग है।

निष्काम कर्म का सिद्धांत यहीं स्पष्ट होता है। कृष्ण कहते हैं कि यज्ञ, तप और कर्म क

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