राम से बड़ा राम का नाम कैसे हुआ?

राम के नाम की महिमा इतनी अद्भुत है कि कहा जाता है — राम से बड़ा राम का नाम। यह कोई साधारण बात नहीं, बल्कि आध्यात्मिक सत्य है। जैसे सूरज के बिना अंधकार छाया रहता है, वैसे ही बिना नाम के भक्ति का मार्ग अधूरा है। लेकिन राम के नाम में इतनी शक्ति है कि वह स्वयं भगवान राम से भी बड़ा माना गया है।

ऐसा नहीं कि राम स्वयं कमजोर हैं। बल्कि, उनका नाम इतना साक्षात् और सरल है कि एक बार जपने मात्र से मन शुद्ध हो जाता है, भय दूर होता है और हृदय में शांति आती है। जो व्यक्ति निरंतर "राम-राम" का जप करता है, उसकी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं और अंततः वह मोक्ष को भी प्राप्त होता है।

सभी मंत्रों और साधनाओं की शक्ति को जानने के बाद भी ऋषि-मुनियों ने राम नाम को सबसे ऊपर रखा। इसका कारण यह है कि नाम में ही राम का साक्षात् वास है। नाम और नामी में कोई भेद नहीं। इसलिए कहा जाता है — राम नाम महा अमोघ शक्ति का सागर है

आज के

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय