महिला को पुरुष के किस तरफ चलना चाहिए?
"महिला को पुरुष के किस तरफ बैठना या चलना चाहिए?" – यह सवाल आज भी कई लोगों के दिमाग में आता है, खासकर जब बात शास्त्रीय शिष्टाचार की हो। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे एक दिलचस्प इतिहास छिपा है?
दरअसल, पुराने ज़माने में, जब घुड़सवारी आम थी, तो पुरुष अपनी तलवार दाएं कूल्हे पर लगाते थे। ऐसे में, अगर वह महिला को अपने बाएं तरफ लेकर चलता, तो उसकी तलवार महिला से टकरा सकती थी। इसलिए, महिला को दाहिनी तरफ रखा जाता था, ताकि उसकी रक्षा आसानी से की जा सके।
एक दूसरा कारण यह भी था कि पुराने समय में सड़कें अक्सर खराब होती थीं। पुरुष बायीं ओर चलते थे ताकि अगर कोई खतरा हो, तो वह महिला को दाईं तरफ सुरक्षित स्थान पर रख सके। इस प्रथा को "सज्जनता" और "संरक्षण" का प्रतीक माना जाता था।
आजकल, इसकी ज़रूरत नहीं रह गई है। आधुनिक समय में, यह नियम काफी पुराना लग सकता है। फिर भी, कई औपचारिक समारोहों में या तस्वीरों के
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