सुंधा माता: बिना धड़ की देवी, अधदेश्वरी की अलौकिक कथा

सुंधा माता राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित अरावली पर्वतमाला की एक प्राचीन और रहस्यमय देवी हैं। इस पहाड़ के नाम पर ही इन्हें सुंधा माता कहा जाता है। यहाँ की मूर्ति विशेष है — बिना धड़ के। इसीलिए इन्हें अधदेश्वरी के नाम से भी पुकारा जाता है। यह नाम उनकी अद्वितीय स्थिति और आस्था की गहराई को दर्शाता है।

मान्यता है कि यहाँ देवी ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया था और भक्तों के संकटों को दूर किया। सदियों से लोग यहाँ आते हैं, मन्नत मांगते हैं और श्रद्धा के साथ चुनरी चढ़ाते हैं।

सुंधा पहाड़ केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और पौराणिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहाँ के मंदिर में जैन और हिंदू दोनों संप्रदायों के प्रभाव दिखाई देते हैं। कहा जाता है कि यहाँ कई जैन मुनियों ने तपस्या की थी।

सुंधा माता की कहानी सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि धरोहर, इतिहास और प्रकृति के महत्व क

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