बेंगलुरु की भाषाई विविधता: कन्नड़ के साथ कई आवाज़ें

बेंगलुरु, कर्नाटक की राजधानी, भाषाई रूप से एक रंगीन मिश्रण है। यहाँ सबसे ज़्यादा कन्नड़ बोली जाती है, जो कुल जनसंख्या का लगभग 44 फीसदी है। यह राज्य की आधिकारिक भाषा भी है। लेकिन बेंगलुरु सिर्फ कन्नड़ तक सीमित नहीं है।

यहाँ के शहरी पेशेवर और पलायन कर रहे लोगों के कारण कई भाषाएँ एक साथ सुनाई देती हैं। तमिल दूसरे स्थान पर है, जिसे लगभग 15 फीसदी लोग बोलते हैं। इसके बाद तेलुगु लगभग 14 फीसदी के साथ आती है।

साथ ही, देश की राष्ट्रीय भाषा हिंदी भी यहाँ 6 फीसदी लोगों द्वारा बोली जाती है। इसके अलावा उर्दू, मलयालम, बंगाली और अंग्रेजी जैसी भाषाएँ भी आम हैं।

एक 2021 के विश्लेषण के अनुसार, भारत की जनगणना ने सभी भाषाओं को ध्यान में रखा है। यह दिखाता है कि बेंगलुरु सिर्फ एक भाषा का शहर नहीं, बल्कि भाषाई सहअस्तित्व का जीता-जागता उदाहरण है।

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