भारत की प्रथम शक्तिशाली रानी: महारानी दिद्दा
महारानी दिद्दा, जिनका जन्म 958 ईस्वी में हुआ था, भारत की प्रथम महत्वपूर्ण शासनकर्ता महिलाओं में से एक मानी जाती हैं। वे कश्मीर की राजगद्दी पर 10वीं शताब्दी में राजा के रूप में नहीं, बल्कि अपने कुशल नेतृत्व और राजनीतिक दूरदृष्टि के बल पर एक महत्वपूर्ण स्थान बनाने में कामयाब रहीं।
वे राजा सिंहराज की पुत्री थीं और काबुल के हिंदू शाही वंश की वंशधारा में जन्मीं। उनका विवाह कश्मीर के राजा कृतवर्मन से हुआ, जिसके बाद वे राजसत्ता में प्रमुख भूमिका निभाने लगीं। उनके पति के निधन के बाद, वह पहले अपने नाबालिग पुत्र के नाम पर और बाद में स्वयं सत्ता संभालने में सफल रहीं।
महारानी दिद्दा ने करीब 40 वर्षों तक शासन किया और अपने समय में अत्यंत प्रभावशाली साबित हुईं। उनके शासनकाल में कश्मीर में न्याय, शांति और राजनीतिक स्थिरता बनी रही। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि उत्तराधिकारी उनके रक्त संबंधी हो
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