भारत ने कनाडा से क्या सीखा?
भारतीय संविधान के निर्माण में विभिन्न देशों के संवैधानिक ढांचे से प्रेरणा ली गई। इसी में से एक महत्वपूर्ण तत्व अवशिष्ट अधिकार है, जो कनाडा के संविधान से लिया गया है।
अनुच्छेद 248 के तहत, भारतीय संसद को ऐसे मामलों में कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है जो न तो समवर्ती सूची में हैं और न ही राज्य सूची में। इन्हें ही अवशिष्ट अधिकार कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि जिन मुद्दों पर अभी तक स्पष्ट व्यवस्था नहीं है, उन पर केंद्र सरकार कानून बना सकती है।
कनाडा की तरह, भारत भी एक संघीय व्यवस्था पर आधारित है, जहाँ केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का बंटवारा होता है। ऐसे में अवशिष्ट मुद्दों पर केंद्र का अधिकार होना आवश्यक हो जाता है ताकि कोई भी महत्वपूर्ण मुद्दा अनसुना न रहे।
इस व्यवस्था ने भारतीय संविधान को लचीला और व्यावहारिक बनाया है। समय के साथ नए-नए मुद्दे उभरते हैं, और अवशिष्ट अधिकारों के जरिए संसद उन पर कानू
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।