उड़ते हवाई जहाज में कौन-सी ऊर्जा होती है?

जब कोई हवाई जहाज आसमान में उड़ रहा होता है, तो वह लगातार गति में रहता है और जमीन से काफी ऊंचाई पर होता है। इस स्थिति में उसके अंदर दो तरह की ऊर्जा काम कर रही होती है – गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा

गतिज ऊर्जा तब होती है जब कोई वस्तु गति में हो। चूँकि हवाई जहाज तेज गति से आगे बढ़ रहा होता है, इसलिए उसमें गतिज ऊर्जा होती है। जितनी अधिक गति, उतनी अधिक गतिज ऊर्जा।

दूसरी तरफ, स्थितिज ऊर्जा ऊंचाई से जुड़ी होती है। जब हवाई जहाज जमीन से ऊपर हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा होता है, तो उसमें स्थितिज ऊर्जा भी संचित होती है। यह ऊर्जा उसके भार और ऊंचाई पर निर्भर करती है।

दोनों ऊर्जाओं का संयोजन ही हवाई जहाज को संतुलित उड़ान भरने में मदद करता है। उड़ान के दौरान पायलट इन ऊर्जाओं के बीच संतुलन बनाए रखता है – जैसे ऊंचाई बढ़ाने या घटाने पर।

इस तरह, एक उड़ता हुआ हवाई जहाज सिर्फ ईं

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