दूध से दही कैसे बनता है?

दूध से दही बनने की प्रक्रिया को हम किण्वन कहते हैं। यह कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक विशेष तरह की जैव रासायनिक क्रिया है। इसमें सूक्ष्मजीव, खासकर लैक्टोबैसिलस नामक जीवाणु, दूध में मौजूद लैक्टोज (शक्कर) को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं।

जैसे-जैसे लैक्टिक एसिड की मात्रा बढ़ती है, दूध का पीएच कम होने लगता है और यह धीरे-धीरे गाढ़ा होकर दही में बदल जाता है। यह प्रक्रिया गर्म मौसम में ज्यादा तेजी से होती है क्योंकि जीवाणुओं के लिए उबलता तापमान आदर्श होता है।

किण्वन सिर्फ दही तक सीमित नहीं है। इसी तरह इदली, डोसा, ब्रेड और शराब जैसी चीजों को भी तैयार करने में किण्वन की भूमिका होती है। पर दूध से दही बनना उसका सबसे साधारण और रोजमर्रा का उदाहरण है।

लैक्टोबैसिलस न सिर्फ दही बनाने में मदद करता है, बल्कि यह पाचन में भी सुधार करता है। इसलिए दही खाने के स्वास्थ्य लाभ होते हैं। अगली बार जब

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