दही में पाए जाने वाले बैक्टीरिया के बारे में सच

जब हम घर पर दही बनाते हैं, तो वह सिर्फ एक स्वादिष्ट स्नैक नहीं होती—यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती है। इसके पीछे मुख्य कारण है—लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया (एलएबी)। यह वे छोटे-छोटे सूक्ष्मजीव हैं, जो दूध को दही में बदलने का काम करते हैं।

कमरे के तापमान पर दूध जमाने से लैक्टोबैसिलस और स्ट्रेप्टोकोकस जैसे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। ये बैक्टीरिया दूध की शर्करा (लैक्टोज) को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं, जिससे दूध गाढ़ा होकर दही बन जाता है। इस प्रक्रिया को कहते हैं किण्वन।

लेकिन ये बैक्टीरिया सिर्फ दही जमाने तक ही सीमित नहीं हैं। एलएबी हमारे आंतों में भी फायदेमंद साबित होते हैं। ये पाचन में सुधार करते हैं, खराब बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं। इसीलिए दही को अक्सर प्रोबायोटिक खाद्य माना जाता है।

घर में बनी दही

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