क्या मासिक धर्म के दौरान पूजा-पाठ करना उचित है?

हां, आप मासिक धर्म के दौरान भी पूजा कर सकती हैं। यह एक आम भ्रम है कि इस दौरान महिलाओं को धार्मिक गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है। कई महिला भिक्षु और भक्त नियमित रूप से मासिक धर्म के दौरान भी मंदिर में प्रवेश करती हैं और पूजा में शामिल होती हैं।

भारत के कई हिस्सों में अभी भी मासिक धर्म को 'अशुद्ध' समझा जाता है। कुछ परिवारों में महिलाओं को इस दौरान रसोई में जाने, पूजा करने या तिर्थस्थलों पर जाने से रोका जाता है। लेकिन यह धार्मिक शास्त्रों में नहीं, बल्कि सामाजिक रूढ़ियों से उत्पन्न हुआ भ्रम है।

दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु के एक मंदिर में केवल महिलाएं पूजा करती हैं — और वह भी अपने मासिक धर्म के दौरान। यह बताता है कि शारीरिक प्रक्रिया धार्मिक पवित्रता को नहीं छूती। मासिक धर्म प्रकृति का एक स्वाभाविक हिस्सा है, न कि कोई अपवित्रता।

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