निरक्षरता से लड़ने में हम सबकी भूमिका

आज भी देश के कई हिस्सों में लोग अनपढ़ता के अंधेरे में जी रहे हैं। ऐसे लोगों को पढ़ाना सिर्फ सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि हर एक शिक्षित नागरिक का कर्तव्य है। हम सब अपने आसपास के अनपढ़ लोगों की मदद कर सकते हैं।

नियमित तौर पर उनके पास जाना और उन्हें शिक्षा की अहमियत समझाना पहला कदम हो सकता है। कई बार लोग पढ़ने के लिए तैयार नहीं होते, क्योंकि उन्हें लगता है कि पढ़ने-लिखने से कोई फायदा नहीं। इसलिए उन्हें यह बताना ज़रूरी है कि शिक्षा से जीवन कैसे बेहतर हो सकता है – चाहे वह बच्चों की स्कूल फीस भरने की जगह हो या स्वास्थ्य संबंधी जानकारी समझने की।

छोटे-छोटे समूह बनाकर घर के पास ही सामूहिक पढ़ाई का आयोजन करना भी एक अच्छा तरीका है। बुज़ुर्ग, महिलाएँ, युवा – सभी को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। एक पढ़ा हुआ व्यक्ति दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

हर व्यक्ति को पढ़ने का अधिकार है।

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