कोहिनूर हीरे का रहस्यमय इतिहास
कोहिनूर हीरा, जिसे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और विवादास्पद हीरों में से एक माना जाता है, का इतिहास काफी लंबा और रोचक है। मुगल साम्राज्य के पतन के दौरान, 1738 में ईरान के शासक नादिर शाह ने भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली लूट ली। उन्होंने मुगलों के खजाने से यह हीरा छीन लिया।
कहा जाता है कि नादिर शाह ने इस हीरे को देखकर उसकी चमक और सुंदरता से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने इसे कोहिनूर यानी "पहाड़ों का जवाहर" नाम दिया। यह नाम फारसी भाषा से लिया गया है। इसके बाद वह इसे ईरान अपने साथ ले गए। लेकिन उनका शासन ज्यादा दिन नहीं चला। 1747 में नादिर शाह की हत्या कर दी गई और उसके बाद यह हीरा अफगानिस्तान के शासक रणजीत सिंह के हाथ लगा।
कोहिनूर का सफर यहीं नहीं रुका। बाद में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के द्वारा भारत पर नियंत्रण के दौरान यह हीरा ब्रिटेन के हाथ में चला गया। आज यह ब्रिटिश रॉयल फैमिली के पास है, लेकिन
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